श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा के स्पर्श दर्शन बंद नहीं हुआ तो काशी की 80 सामाजिक संस्थाएं और 21 सौ वालेंटियर ''ऑपरेशन बेलपत्र'' से काशीवासियों को जागरूक करेंगे और उन्हें बाबा के स्पर्श दर्शन न करने और इसका समर्थन करने के लिए प्रेरित करेंगे। अभियान शहर के एक लाख घरों में पहुंचाया जाएगा। हर घर में एक बेलपत्र देकर समर्थन मांगा जाएगा। वहीं, काफी नेमियों ने बाबा का स्पर्श दर्शन करना बंद कर दिए हैं। ब्रह्मएकम् के महामंडलेश्वर सचिन सनातनी, विश्व वैदिक न्यास के अध्यक्ष संतोष सिंह, नेमी दर्शनार्थी अजय शर्मा ने बुधवार को रथयात्रा स्थित एक होटल में पत्रकार को बताया कि किसी भी द्वादश ज्योतिर्लिंग में स्पर्श दर्शन नहीं होता है। ऐसे में बाबा का क्यों हो रहा है? इसके लिए कोई वीआईपी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। आम भक्तों की तरह सभी को दर्शन कराया जाए। सचिन सनातनी ने बताया कि बाबा दरबार में कौन भक्त किस स्थिति में गया है और वह बाबा को स्पर्श दर्शन करता है। इससे पवित्रता प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि झांकी दर्शन करें। बाबा का उतना ही फल मिलता है। अजय शर्मा ने बताया कि काशीखंड से लेकर तमाम पुराणों में स्पर्श दर्शन को अस्वीकार किया गया है। संतोष सिंह और दिलीप सिंह ने बताया कि ऑपरेशन बेलपत्र जन आंदोलन 10 अगस्त से शुरू होगा। और संस्थाएं और लोग जुड़ रहे हैं।