स्वामी सहजानन्द किसान महासभा के तत्वाधान में बैरवन मोहनसराय में संगठित किसान आन्दोलन के जनक स्वामी सहजानंद सरस्वती की 136वीं जयंती के उपलक्ष्य में जयंती समारोह एवं किसान संकल्प सभा का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता करते हुये किसान नेता विनय शंकर राय "मुन्ना" ने स्वामी जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित करते हुये कहा कि स्वामी जी के आदर्शो , मूल्यो एवं विचारो के आधार पर स्वामी जी के मूल मंत्र वन्देअन्नदातारम् को आत्मसात करते हुये किसान हित मे सृजनात्मक एवं संघर्षनात्मक कार्य का संकल्प लेते हैं। प्रकृति संरक्षक स्वामी जी की याद में 501 औषधी आधारित एवं फलदार पौधो का वितरण हुआ। विचार व्यक्त करते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्वामी सहजानन्द सरस्वती अथक कर्मठी, वेदान्त और मीमांसा के महान विद्वान , बेबाक पत्रकार एवं लेखक के साथ साथ संगठित किसान आंदोलन के जनक एवं संचालक थे। स्वामी जी का जन्म उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के देवा गांव में 22 फरवरी 1889 को हुआ था। समारोह का संचालन करते हुये उदय प्रताप पटेल ने कहा कि दण्डी स्वामी जी अन्नदाता किसान को धरती का साक्षात भगवान मानते थे इसी लिये उन्होने वन्देअन्नदातारम् का नारा देकर किसान हित में सृजनात्मक एवं संघर्षनात्मक कार्य को ही साधना मानकर आजीवन संघर्ष करते रहे ।