पुराने रेल गंगापुल पर अप रेल लाइन की पटरी की सतह पर पड़ी लोहे की चादर में मंगलवार को फिर से छेद हो गया। ट्रैकमैन की निगाह पड़ने पर उसने सूचना स्टेशन मास्टर को दी। बाद में दो घंटे का ब्लाॅक लेकर सवा मीटर लंबी लोहे की चादर वेल्ड कर लगाई गई। इस दौरान लखनऊ से कानपुर की ओर जाने वाली ट्रेनें प्रभावित रहीं। मंगलवार सुबह करीब सवा 11 बजे अप रेल लाइन पर गश्त के दौरान ट्रैकमैन ने ओएचई खंभा नंबर 68/23 से 68/26 के बीच लोहे की चादर में छेद देखा। यहां से बिछी गिट्टियां गंगा नदी में गिर रही थी। उसने इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर शकील गंगाघाट को दी। स्टेशन मास्टर ने जानकारी रेल पथ विभाग को दी। बाद में दो घंटे का इमरजेंसी ब्लाॅक ऑफर दिया गया। सुबह 11.25 से सवा मीटर नई लोहे की चादर को वेल्ड कराया गया। इस काम में करीब दो घंटे का समय लगा। दोपहर 1.25 बजे ब्लाॅक खत्म हुआ।