उत्तर प्रदेश के राशन विक्रेताओं ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर मंगलवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। ऑल इंडियन फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन के बैनर तले विक्रेता तिकोनिया पार्क में एकत्र हुए और कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा। विक्रेताओं ने फोन फीडबैक सिस्टम की खामियों को उठाते हुए बताया कि कई बार शरारती तत्व या विरोधी लोग जानबूझकर गलत फीडबैक दे देते हैं, जिससे अनावश्यक जांच और मानसिक तनाव झेलना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि जांच केवल एक ही विभाग द्वारा की जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। कमीशन की दरों को लेकर भी विक्रेताओं ने नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में खाद्यान्न पर 90 रुपये प्रति कुंतल और चीनी पर 70 रुपये प्रति कुंतल का कमीशन दिया जाता है, जबकि हरियाणा, गोवा और दिल्ली जैसे राज्यों में यह दर 200 रुपये प्रति कुंतल तक है। गुजरात में न्यूनतम 20,000 रुपये तक की गारंटी दी जाती है। उन्होंने यूपी में भी समान दर लागू करने की मांग की। अन्य प्रमुख मांगों में डोर स्टेप डिलीवरी में गुणवत्तायुक्त खाद्यान्न की आपूर्ति, वर्षों से लंबित बकाया भुगतान, पेपरलेस कार्यप्रणाली लागू करने का आदेश, स्वयं सहायता समूहों को सीधे कमीशन भुगतान और एमडीएम व आईसीडीएस योजनाओं के खाद्यान्न पर एनएफएसए की तर्ज पर कमीशन देने की मांग शामिल है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो अगस्त माह के पहले तीन दिनों तक राशन वितरण बंद किया जाएगा। इस दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा के लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा।