सुल्तानपुर। चांदा थाना क्षेत्र के बसुही गांव में गुरुवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक जर्जर बिजली का तार मकान की छत पर गिर गया, जिससे करंट की चपेट में आकर एक ही परिवार के आठ लोग घायल हो गए। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। यह घटना सुबह लगभग 4:30 बजे हुई। पीड़ित कविता दुबे और एक अन्य युवक के अनुसार, उनके घर की छत पर लोहे का टीन रखा था। पुराना और जर्जर मुख्य बिजली का तार टूटकर अचानक छत पर गिरा, जिससे पूरे मकान और टीन में करंट फैल गया। परिवार के सदस्य एक-दूसरे को बचाने दौड़े, तो एक-एक करके सभी लोग करंट की चपेट में आ गए। ग्रामीणों और पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि गांव में बिजली व्यवस्था बेहद खराब और जर्जर स्थिति में है। कई दिनों से तारों में स्पार्किंग और खराबी की समस्या बनी हुई थी। उनकी बार-बार शिकायत के बावजूद बिजली विभाग ने कोई स्थायी समाधान नहीं किया, जिसके कारण यह हादसा हुआ। घटना के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने तुरंत ग्रामीणों को सूचना दी। करंट प्रवाहित होने के कारण कोई भी तुरंत घर के पास नहीं जा सका। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद बिजली आपूर्ति बंद कराई, जिसके बाद घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और स्थानीय लोगों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में उपचार के लिए ले जाया गया। घायलों में रीता (33) पत्नी रामसहाय दुबे, स्वास्तिक (1) पुत्र मनीष दुबे, प्रिया दुबे पत्नी मनीष दुबे, मोहित दुबे (20) पुत्र स्वर्गीय अभय राज दुबे, मोनिका दुबे (21) पुत्री स्वर्गीय अभय राज दुबे, विनय दुबे (35) पुत्र राममिलन दुबे, कविता देवी दुबे (21) पुत्री राममिलन दुबे और सरोजा (39) पत्नी स्वर्गीय अभय राज दुबे शामिल हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बसुही गांव के बीचों-बीच एलटी बिजली लाइनें घरों के ऊपर से गुजरती हैं। उन्होंने पहले भी विभागीय अधिकारियों से इन जर्जर तारों की स्थिति को लेकर शिकायत की थी, लेकिन उनकी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया था।