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VIDEO : Sultanpur: संत दत्तात्रेय सदानंद चौरासी महाराज का हुआ अंतिम संस्कार, मौनी बाबा ने दी मुखाग्नि

ishwar ashish Updated Tue, 21 Jan 2025 06:19 PM IST

सुल्तानपुर जिले के मोतिगरपुर थाना के बेलहरी चौकी क्षेत्र के प्रसिद्ध संत दत्तात्रेय सदानंद चौरासी महाराज (90 वर्ष) का अंतिम संस्कार सिख परंपरा के अनुसार आश्रम परिसर में किया गया। उनके सेवादार शैलेंद्र सिंह उर्फ मौनी बाबा ने दोपहर बाद मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में हजारों की संख्या में उनके भक्त और अनुयायी शामिल हुए। चौरासी बाबा के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को भक्तों और अनुयायियों के अंतिम दर्शन के लिए फ्रीजर में रखा गया था। मंगलवार की सुबह से ही चौरासी बाबा के अंतिम दर्शन को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। सुबह 10 बजे आश्रम पहुंचे सुल्तानपुर गुरुद्वारा के ज्ञानी नवजोत सिंह और उनके सहयोगियों द्वारा पार्थिव शरीर के पास गुरु ग्रंथ साहब और गुरुवाणी का पाठ शुरू किया। 12 बजे उनके पार्थिव शरीर को सिक्ख धर्म की परंपरा के अनुसार स्नान आदि कराकर सेवादार/भंडारी दिनकर पाण्डेय से वस्त्र धारण कराया गया। परिसर में बने मुख्य मंदिर के सामने पार्थिव शरीर को रखा गया जहां भक्तों ने उन्हें चादरें चढ़ाई व पुष्प अर्पित किए। उसके बाद सतनाम का जप करते हुए पार्थिव शरीर को आश्रम के मंदिरों की परिक्रमा कर परिसर में स्थित कुएं के पास बनी चिता पर रखा गया। जहां अरदास के बाद उनके प्रमुख सेवादार शैलेंद्र सिंह उर्फ मौनी बाबा ने दोपहर 1:35 पर उन्हें मुखाग्नि दी जिसके बाद उनका शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। अंतिम संस्कार के दौरान सेवादार सुमन सिंह, शिवेंद्र प्रताप सिंह, दीपेंद्र सिंह 'दीपक', केडी सिंह, कपिलकांत सिंह, धर्मराज पांडेय, राजन सिंह, प्रमोद अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। सुप्रसिद्ध संत महर्षि दत्तात्रेय सदानंद चौरासी महराज के अंतिम दर्शन की बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ चर्चित हस्तियां भी पहुंची। दोपहर 12:30 की करीब सदर विधायक राज प्रसाद उपाध्याय, ब्लॉक प्रमुख मोतिगरपुर चंद्र प्रताप सिंह, ब्लॉक प्रमुख जयसिंहपुर प्रतिनिधि प्रभाकर शुक्ल, भाजपा नेता संतबक्श सिंह 'चुन्नू', वरिष्ठ सर्जन डॉ. ए. के. सिंह, हरिबक्श सिंह 'मुन्नू', अजय कुमार चतुर्वेदी 'नंदन', सपा नेता संजय वर्मा, रत्नेश तिवारी, अंजनी कुमार यादव, प्रधान प्रतिनिधि बेलहरी राम केवल यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने चौरासी बाबा के अंतिम दर्शन किए। सेवादार शिवेंद्र प्रताप सिंह और दीपेंद्र सिंह ने बताया कि जिस स्थान पर चौरासी बाबा का अंतिम संस्कार किया गया है, उसी स्थान पर उनकी समाधि बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि चौरासी बाबा की अस्थियों को तीन कलश में रखा जाएगा जिसके बाद आदिगंगा गोमती, गंगा के अलावा पंजाब के अमृतसर में स्थित रावी नदी के जल में उन्हें प्रवाहित किया जाएगा। 25 जनवरी की सुबह से 27 जनवरी दोपहर तक 48 घंटे का गुरुग्रंथ साहिब अखंडपाठ/ संकीर्तन का आयोजन किया गया है। दोपहर बाद भक्तों और श्रद्धालुओं को भंडारे प्रसाद ग्रहण कराया जाएगा।

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