सुल्तानपुर में करंट लगने से युवक दुर्गेश की मौत के बाद परिजनों ने पहले अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया था। ठेकेदार द्वारा ढाई लाख रुपये का चेक दिए जाने के बाद गुरुवार दोपहर 1 बजे धोपाप घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान लंभुआ सर्किल के सीओ ऋतिक कपूर सहित लंभुआ और चांदा थाने की पुलिस मौजूद रही। यह घटना कोतवाली नगर अंतर्गत तुराबखानी (लाखीपुर) में हुई। लंभुआ के कुबेरशाह पट्टी निवासी दुर्गेश पुत्र मुरली रात करीब 12 बजे लाइट का काम करते समय करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक दुर्गेश की शादी तीन महीने पहले ही हुई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, हालांकि अभी तक कोई विधिक कार्रवाई नहीं की गई है। मृतक के जीजा रिंकू, जो कुड़वार अंतर्गत कोलीपुर/सुभाष पट्टी निवासी हैं, ने बताया कि दुर्गेश 'भोले सिंह' नामक ठेकेदार के माध्यम से काम करने गया था। ठेकेदार ने मजदूरों को रात में काम न करने की सख्त हिदायत दी थी। रिंकू के अनुसार, मालिक खाना देकर चला गया था और सभी मजदूर खाना खाकर आराम कर रहे थे। तभी कुछ स्थानीय लोग आए और जबरन काम करने का दबाव बनाने लगे। दुर्गेश सो रहा था, उसे जबरन उठाया गया और लाइट जलाने को कहा गया। रिंकू ने आगे बताया कि ठेकेदार को भी फोन लगाया गया था, जिन्होंने फोन पर काम करने से मना किया था। इसके बावजूद, वे लोग दुर्गेश को जबरन हाथ पकड़कर ले गए और रात में काम करवाने लगे। इसी दौरान दुर्गेश करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस घटना और जबरन काम कराने की स्थिति को लेकर मृतक के परिजनों और साथी मजदूरों में आक्रोश है। पीड़ित रिंकू ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की मांग की है।