कहीं भी कालोनियां बसाने या प्लाटिंग के लिए पहले जरूरी सुविधाएं, इसके बाद उसका नक्शा पास कराया जाना जरूरी है..। बावजूद इसके सोनभद्र में प्लाटिंग से जुड़े नियम बेमानी बने हुए हैं। दूसरे क्षेत्रों की कौन कहे, महज मुख्यालय क्षेत्र में ही अवैध तरीके से प्लाटिंग का खेल चल जा रहा है। सोशल मीडिया पर फर्म-कंपनी का लोगों लगाकर प्लाटिंग वाली जमीन का जमकर प्रचार किया जा रहा है। फिर भी न तो कहीं सड़क, बिजली, सीवर लाइन जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की गई हैं न ही संबंधित स्थल के नक्शा मंजूरी का ही कोई आवेदन विनियमित क्षेत्र विकास प्राधिकरण को सौंपा गया है। महज किसानों से इकरारनामा कराकर प्लाटिंग का खेल खेलने और जमीन खरीदार को सीधे काश्तकार (भू स्वामी) से जमीन बैनामा कराकर हर माह सरकार को लाखों के राजस्व का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।