मुहर्रम की नौवीं तारीख पर शनिवार की सुबह बभनी के ताजियादारों और अखाड़ों ने जुलूस निकाला। जुलूस में शामिल लोग कर्बला के मंजर को याद कर मातम करते रहे। या अली-या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं। अखाड़ों ने अपने करतब दिखाए। कर्बला के 72 शहीदों की याद में मुहर्रम की नौवीं तारीख पर ताजियादारों व अखाड़ों का जुलूस बभनी के साप्ताहिक बाजार में शुरू हुआ और बभनी बाजार के चौराहे पर खत्म हुआ। अखाड़ों के झंडे को खास अंदाज में सजाया गया था। युवाओं ने जहां मातम व सीनाजनी करके इमाम हुसैन को याद किया वही बच्चों ने भी मातम किया। अंजुमनों ने नौहा पढ़कर कर्बला के भयावह मंज़र का जिक्र किया। जुलूस के मार्ग पर प्रभारी निरीक्षक कमलेश पाल स्वयं मौके पर फोर्स के साथ डटे रहे। इस मौके पर ताजियादार गयासुद्दीन, मोहम्मद शबीर, सर्फूद्दीन के साथ सदर मोहम्मद असलम मौजूद रहे।