सोनभद्र में दिन में 25 डिग्री और रात में 10 डिग्री से नीचे का पारा सेहत पर भारी पड़ रहा है। मौसम के इस मिजाज ने सांस, एलर्जी और सर्दी-खांसी के मरीज बढ़ा दिए हैं। मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचसी-पीएचसी पर इन दिनों ऐसे ही मरीजों की भीड़ हो रही है। डॉक्टर इसे मौसम का असर बताते हुए दवाओं के साथ खान-पान में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध अस्पताल में हर रोज ओपीडी में 30 फीसदी मरीज इन्हीं बीमारियों से ग्रसित है। मंगलवार को उपचार के लिए पहुंचे बहुआर के रामधनी का कहना था कि सर्दी और जकड़न के साथ सांस की समस्या भी बढ़ गई है। दिन में धूप होने पर तो अच्छा रहता है लेकिन शाम होते ही सांस की तकलीफ बढ़ जाती है। इसी तरह दीपक कुमार ने बताया कि खांसते-खांसते छाती में दर्द बढ़ जा रहा है। बिना दवा राहत नहीं मिलती। बेटे को उपचार के लिए लेकर आईं सुमन देवी का कहना था कि कई दिन से सर्दी-बुखार और उल्टी हो रही थी। पहले आसपास से दवा लेकर दिया, मगर राहत नहीं मिली। अस्पताल में जांच कराने पर पता चला कि इंफेक्शन है। एक सप्ताह तक नियमित खुराक देने को डॉक्टर ने कहा है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच लापरवाही बरतने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। मरीजों को उपचार के साथ विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गर्म कपड़े पहनने, ठंडी हवा से बचने, भाप लेने और दवाएं नियमित लेने की सलाह दी जा रही है। लोग दिन में धूप देख कम कपड़े पहनकर निकल रहे हैं, जिस कारण सर्दी की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में खांसी, जुकाम, बुखार व सिरदर्द की समस्या हो रही है। नगरीय पीएचसी रॉबर्ट्सगंज के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.जेपी सिंह ने बताया कि ओपीडी में आ रहे मरीजों में 30 प्रतिशत से अधिक मौसमी बीमारियाें के पहुंच रहे हैं। उन्होंने बचाव के लिए सुबह-शाम गर्म कपड़े व ठंडी वस्तुओं के सेवन करने से बचने की सलाह दी।