माध्यमिक भारतीय रसोइया वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले कलेक्ट्रेट परिसर में रसोइयां दूसरे दिन भी धरने पर डटी रहीं। 65 वर्ष की सेवा और सेवा पूरी होने पर दस हजार रुपये की मासिक पेंशन की मांग करते हुए रसोइयों ने नारेबाजी की। दो हजार के मानदेय को अपर्याप्त बताते हुए 21 हजार रुपये देने की मांग की। पांच सूत्री ज्ञापन सीएम को प्रेषित किया। धरने में वक्ताओं ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने वाली रसोइयां ही चार माह से बकाया मानदेय न मिलने से भुखमरी की कगार पर पहुंचती जा रही हैं। परिवार का भरण पोषण मुश्किल होता जा रहा है चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने समय रहते इन मांगों को पूरा नहीं किया तो संगठन आगे उग्र आंदोलन को बाध्य होगा।