रॉबर्ट्सगंज स्थित एक्सईएन कार्यालय में मंगलवार को बिजली कर्मचारियों की सभा हुई। इसके बाद संयुक्त संघर्ष समिति एवं राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। सभी ने एक स्वर में निजीकरण का विरोध किया। साथ ही 29 मई से अनिश्चितकाल कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया। सभा के दौरान वक्ताओं ने पावर कारपोरेशन के चेयरमैन पर आरोप लगाया कि वह आंकड़ों का फर्जीवाड़ा कर बढ़ा चढ़ाकर घाटा दिखा रहे हैं और आम उपभोक्ताओं पर इसका बोझ डालना चाहते हैं। इसके पीछे मुख्य मकसद निजी घरानों की मदद करना है। वक्ताओं ने बताया कि 28 मई को भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 29 मई से संघर्ष समिति ने निजीकरण के विरोध में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की नोटिस दी है। देश के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि जब किसी प्रांत में पावर कारपोरेशन ने अपने एआरआर को चार दिन के अंदर पुनरीक्षित कर घाटा बढ़ा चढ़ाकर नई एआरआर दाखिल की है। कहा कि यह सब निजीकरण से पहले निजी घरानों की मदद करने के लिए किया जा रहा है। सभा एवं विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से इं. सुरेश यादव, कृपाशंकर यादव, शिवम गुप्ता, राहुल सुंदरम, विवेक कुमार, महेश कुमार, राजेंद्र प्रसाद, रामलाल, अविनाश श्रीवास्तव, संदीप सिंह, विकाश दुबे, सचिन शुक्ला, राजेंद्र तिवारी आदि उपस्थित रहे।