रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के गड़ौरा गांव के रहवासियों की पीड़ा जानने डीएम बद्रीनाथ सिंह मंगलवार को गांव पहुंचे। जिला मुख्यालय के ठीक पीछे स्थित इस गांव में जाने के लिए आज तक कोई सड़क नहीं बनी है। डीएम पहाड़ी व पथरीली राहों पर पैदल चलकर ही गांव तक पहुंचे। ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनी। मौके पर जाकर भी अवलोकन किया। उन्होंने ग्रामीणों से वादा किया कि गांव तक पक्की सड़क बनवाने के लिए सार्थक प्रयास करेंगे। घरों तक बिजली पहुंचाने और पानी की समस्या का भी समाधान कराया जाएगा। गड़ौरा टोला ग्राम पंचायत बघुआरी का हिस्सा है। यहां करीब तीन सौ से अधिक की आबादी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। जिला मुख्यालय से सटे होने के बाद भी गांव में पहुंचने के लिए सड़क नहीं है। बिजली, पानी भी नदारद है। सड़क न होने के कारण कोई अधिकारी भी गांव में नहीं जाता। गंभीर बीमार मरीजों को लाने के लिए एंबुलेंस भी गांव नहीं पहुंच पाती। पिछले दिनों कलेक्ट्रेट पहुंचकर गांव की महिलाओं ने अपनी पीड़ा बताई थी, तब डीएम ने गांव आने का वादा किया था। मंगलवार की सुबह ही डीएम बद्रीनाथ सिंह, सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार, बीएसए मुकुल आनंद पांडेय को साथ लेकर गड़ौरा गांव पहुंचे। रास्ता न होने के कारण आधी दूरी पहाड़ी व पथरीली राहों पर पैदल ही चलना पड़ा। गांव पहुंचकर डीएम ग्रामीणों से मिले और वस्तुस्थिति देखी तो खुद हैरत में रह गए। वर्षों पहले लगाए गए बिजली के खंभों पर तार ही नहीं था। मीटर घरों के अंदर रखे हुए थे। गांव में पेयजल की व्यवस्था नदारद थी। लंबी दूरी से ग्रामीण पानी ढोने को विवश हैं। स्थलीय निरीक्षण के बाद डीएम ने गांव के प्राथमिक विद्यालय में चौपाल लगाई। ग्रामीणों से उनकी समस्याएं सुनीं और वादा किया कि जल्द ही इसके समाधान के लिए सार्थक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने दुरुह भौगोलिक स्थिति के बीच काम कर रहे स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की सराहना की। ग्रामीणों से आह्वान किया कि वह बच्चों को अच्छी शिक्षा दें। नियमित स्कूल भेजें। बच्चे पढ़ेंगे, तभी आगे बढ़ेंगे। गांव में आवास, पेंशन से जुड़ी समस्याओं के भी त्वरित निराकरण के लिए निर्देशित किया। इस मौके पर एडीआईओएस विनय कुमार सिंह, बीईओ धनंजय सिंह आदि मौजूद रहे।