नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ एवं श्रीराम कथा के समापन अवसर पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन हुआ। सामूहिक विवाह में 96 हिंदू जोड़े और दो मुस्लिम जोड़े धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता के संगम बने। इस दौरान विशाल भंडारे में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। महायज्ञ का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ था। नौ दिनों तक दिन में प्रसिद्ध कथावाचिका कनक पांडेय ने श्रीराम कथा सुनाई और रात में रासलीला का मंचन हुआ। महायज्ञ के समापन पर शुक्रवार को आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 98 जोड़ों ने वैवाहिक बंधन में बंधकर नई जिंदगी की शुरुआत की। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सदर विधायक भूपेश चौबे, ब्लॉक प्रमुख नगवां आलोक सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अमरेश पटेल मौजूद रहे। अतिथियों ने कन्यादान कर नवदंपत्तियों को आशीर्वाद दिया। जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि शासन की ओर से प्रत्येक वधू के खाते में 60 हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी। इसके अलावा 25 हजार रुपये के उपहार में कुकर, पंखा, 30 ग्राम की चांदी की पायल, 10 ग्राम की बिछिया सहित अन्य घरेलू सामग्री प्रदान की गई। आयोजन स्थल पर वर-वधू पक्ष के लोगों के साथ क्षेत्र के सैकड़ों लोग विवाह के साक्षी बने। पूरे क्षेत्र में इस सामूहिक विवाह को लेकर उत्साह का माहौल रहा। इस मौके पर भिखारी बाबा, सर्वजीत सिंह, महेंद्र सिंह, मनोज जायसवाल, राजेश चौरसिया, मुरारी पटेल, देवी सिंह, महेश खरवार आदि उपस्थित रहे। सुरक्षा व्यवस्था में रायपुर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे।