कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सत्ताधारी दल से जुड़े ज्यादातर जनप्रतिनिधि नदारद रहे। सपा सांसद छोटेलाल खरवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में न कोई विधायक पहुंचा और न ही उनके प्रतिनिधि। सांसद ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का विरोध और जनहित की उपेक्षा ठहराया। बैठक के दौरान अपने पूर्व के कार्यकाल (2014-19) में पटवध-बसुहारी मार्ग के लिए दिए गए प्रस्ताव के अब तक पूरा न होने पर हैरानी जताते हुए सांसद ने कारण पूछा तो वन विभाग की एनओसी न मिलने की दलील दी गई। अफसरों ने एक माह में औपचारिकताएं पूरी करते हुए सड़क निर्माण शीघ्रता से कराने का आश्वासन दिया। सांसद छोटेलाल खरवार ने केंद्र सरकार से संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की। पेयजल, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों में देरी पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में काम पूरा कराने के निर्देश दिए। सांसद ने कहा कि विभिन्न विभागों को विकास कार्यों के लिए मिलने वाली धनराशि, कराए गए कार्य और व्यय की पूरी जानकारी जनप्रतिनिधियों को दी जाए। हर परियोजना के लिए समय सीमा तय कर उसी अवधि में कार्य पूर्ण कराया जाए। अगर कार्य लंबित है तो उसके कारण भी स्पष्ट किए जाएं। बैठक में पटवध से बसुहारी संपर्क मार्ग का निर्माण अभी तक पूरा न होने पर सांसद ने चिंता जताई और संबंधित विभाग को जल्द काम पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस सड़क के बनने से क्षेत्र के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। बिजली निगम की ओर से शट डाउन लेने के बाद भी आपूर्ति चालू होने से हो रही घटनाओं के लिए जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सांसद ने नियमित अंतराल पर दिशा की बैठक कराने को कहा, जिससे कार्यों में आ रहे अवरोध की जानकारी मिल सके और उसका समय से निस्तारण कराया जाए। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल, डीएम बद्रीनाथ सिंह, सीडीओ जागृति अवस्थी, नगर पालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद, ब्लॉक प्रमुख म्योरपुर मानसिंह गोंड, सीएमओ डॉ. पंकज कुमार राय, डीडीओ हेमंत कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।