सोनभद्र जिले के दुद्धी तहसील प्रांगण में रविवार की रात रामलीला मंच पर भरत मिलाप का मंचन किया गया। देर शाम श्रीराम का रथ निकल कस्बे के तहसील मार्ग, रामनगर, मां काली मंदिर से होकर श्री संकट मोचन मंदिर पहुंचा। श्रीराम, सीता, लक्ष्मण का रथ पहुंचते ही जयश्री राम के जयकारों से नगर झूम उठा। अयोध्या पहुंचे राम को देखकर उनके भाई भरत उनसे गले मिलकर रोने लगे। श्रीराम ने पीठों को सहलाते हुए चुप कराने के बाद भरत ने उन्हें राज सिंघासन पर बैठाया। उन्होंने धूल मिट्टी से सनी प्रभु श्रीराम के पांव गंगाजल से पखारते रहे और 14 वर्ष का वियोग सोचकर रोते रहे। भाई का अगाध प्रेम देख श्रीराम की आंखे द्रवित हो गई। इसके बाद भगवान श्रीराम का भव्य राज्याभिषेक किया गया और उन्हें अयोध्या की राजगद्दी सौंपी गई।