सोनभद्र जिले के कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष प्रतिमा सिंह ने कहा कि संगठन की ओर से शांतिपूर्ण तरीके से कई बार अपनी मांगें सरकार के सामने रखी गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। ज्ञापन में बताया गया कि 8 मार्च को महिला दिवस पर सड़क पर उतरने के बाद सरकार ने वार्ता कर जल्द समाधान का भरोसा दिया था। इसके बावजूद 30 अप्रैल तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। ऐसे में संगठन ने धरना-प्रदर्शन कर अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए विवश हुआ है। यह आंदोलन सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के समर्थन में है। अगर अब भी मांगों पर विचार नहीं हुआ तो आंदोलन व्यापक रूप ले सकता है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। मानदेय समाप्त कर सम्मानजनक वेतनमान लागू किया जाए। साथ ही पेंशन, पीएफ, ग्रेच्युटी व सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लागू हों। महंगाई भत्ता (डीए) व नियमित वेतन वृद्धि सुनिश्चित की जाए। सेवाकाल में अवकाश, चिकित्सा सुविधा व मातृत्व लाभ दिए जाएं। इस मौके पर साधना विश्वकर्मा, वंदना राठौर, सुधा जायसवाल, लक्ष्मी जायसवाल, निशा देवी, पार्वती, अमृता, ज्योति, दीपा, निर्मला सिंह, मधु सिंह, प्रतिभा, मोनिका बानो, संगीता कुमारी, रंजना आदि शामिल रही।