एपीटीसी कमांडेंट के फॉलोअर शैलेंद्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामला राजनीतिक तूल पकड़ गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि कमांडेंट आवास पर हुई चोरी के मामले में शैलेंद्र का लगातार मानसिक उत्पीड़न किया गया, जिससे परेशान होकर उसने विषाक्त पदार्थ खा लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर परिजनों ने कार्रवाई की मांग करते हुए अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। सूचना पर कांग्रेस सांसद राकेश राठौर गांव पहुंचे और परिजनों के समर्थन में धरने पर बैठ गए। प्रशासन की ओर से परिवार के दो सदस्यों को संविदा पर नौकरी, आवास, भूमि का पट्टा, एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के परिजनों की तहरीर पर संबंधित मामले में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है।