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VIDEO : डीसीएम को मोडिफाइड करा हाईवे पर डीजल चुराता था गैंग, सर्विलांस से पकड़े गए शातिर

हाईवे किनारे खड़े वाहनों से डीजल चोरी करने वाले गैंग का स्वाट टीम व कमलापुर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस टीम ने हापुड़ निवासी अनवर, शराफत, जाहिर, मेरठ निवासी मुकर्रम और तसलीम को कमलापुर के कोठी ढाबा के पास से गिरफ्तार किया है। वहीं, गाजियाबाद निवासी इरफान काे कुर्सिनपुरवा तिराहे के पास से पकड़ा गया है। शहर स्थित प्रेमनगर के वर्तमान निवासी व महोली के जलालपुर के मूल निवासी अरविंद को उसके गांव से गिरफ्तार किया गया है। एएसपी उत्तरी आलोक सिंह ने बताया कि आरोपी डीजल चोरी के बाद महोली जाते थे। वहां अरविंद की दुकान में ड्रमों में चोरी का डीजल भर दिया जाता था। इसके बाद आरोपी डीजल को स्थानीय स्तर पर बेच देते थे। आरोपियों के पास से छह ड्रम में 12 सौ लीटर डीजल, तीन तमंचे कारतूस, डीजल चोरी करने के उपकरण व दो नंबर प्लेट बरामद हुई हैं। यही नंबर प्लेट डीसीएम में लगाकर डीजल चोरी की जाती थी। एसपी ने खुलासा करते हुए एसओजी प्रभारी सत्येंद्र विक्रम सिंह व कमलापुर थानाध्यक्ष इतुल चौधरी की टीम को 25 हजार रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है। जियो पेट्रोल पंप पर घटना के बाद सक्रिय हुई एसओजी कमलापुर के मानपारा स्थित जियो पेट्रोल पंप पर 23 नवंबर को आरोपियों ने एक ट्रक से दो सौ लीटर डीजल चोरी किया था। आरोपियों ने इसमें एक डीसीएम का प्रयोग किया था। डीजल चोरी की इस घटना को कुछ लोगों ने देख लिया था। इसके बाद पेट्रोल पंप पर मौजूद लोगों व एक अन्य ट्रक के चालक व खलासी ने आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया था। इस दौरान आरोपियों ने उन पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। सभी भागने में सफल हुए थे। इसके बाद एसपी के निर्देश पर एसओजी को स्थानीय पुलिस के साथ आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए लगाया गया। सर्विलांस से आरोपियों को पकड़ा गया। हापुड़ में आरोपियों ने मॉडिफाइड कराई थी डीसीएम पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हाेंने हापुड़ में डीसीएम को चोरी के लिए विशेष तौर पर तैयार कराया था। आरोपियों ने वाहनों से तेल चोरी करने के लिए डीसीएम को खास किस्म से मॉडिफॉइड करवाया था। डीसीएम के वाहन की बॉडी को जगह जगह से काटकर छोटे छोटे दरवाजे लगवाये थे। साथ ही बॉडी के अंदर चोरी का डीजल रखने के लिए अतिरिक्त टैंक लगवाए थे। इनका लेवल सामान्य से कुछ नीचे ही रखा गया था। इस वजह से आरोपी जब हाईवे किनारे खड़े ट्रक से उपकरणों के माध्यम से डीजल चोरी करते थे तो डीजल आसानी से टैंक में उतर जाता था। पुलिस डीसीएम की खरीद फरोख्त को लेकर भी पड़ताल कर रही है।

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