सीतापुर में निशुल्क कोचिंग के जरिये बच्चों को साक्षर बनाने का बीड़ा रामू कुमार गौतम ने उठाया है। हाजीपुर गांव में शिक्षा का स्तर काफी कम होने की वजह से वह बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित कर रहे हैं। साथ ही शिक्षण सामग्री भी मुफ्त में दे रहे हैं। सकरन ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत अदवारी का मजरा हाजीपुर चौका नदी के दूसरी तरफ बसा है। नदी पर पुल न होने के कारण इस गांव के बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं। इस वजह से इस गांव में शिक्षा का स्तर काफी निम्न है। हालात यह हैं कि पढ़ाई की उम्र में यहां के बच्चों के लिए खेतों में काम करना मजबूरी बन गया है। करीब 500 की आबादी वाले इस गांव में कोई स्कूल नहीं है। बच्चों को पढ़ने के लिए तीन किलोमीटर दूर अदवारी या सुमरावां जाने के लिए नदी पार करनी पड़ती है। गांव में अशिक्षा को देखते हुए यहां के निवासी रामू गौतम ने बच्चों में शिक्षा की अलख जगाने की ठानी। उन्होंने वर्ष 2024 में गांव के पास अपने खेत में पन्नी व तिरपाल डालकर निशुल्क कोचिंग सेंटर शुरू किया। घर-घर जाकर बच्चों को कोचिंग आने के लिए प्रेरित किया। रामू कुमार कहते हैं कि शुरुआत में काफी कम बच्चे कोचिंग में आए लेकिन धीर-धीरे बच्चों की संख्या बढ़ने लगी। इस समय कक्षा एक से पांच तक 85 बच्चे कोचिंग में पढ़ाई कर रहे हैं। रामू गौतम ने बताया कि 2020 में स्नातक करने के बाद उन्होंने गांव में निशुल्क कोचिंग खोलने का निर्णय लिया। कोचिंग का संचालन तीन शिफ्टों में, सुबह पांच से 7:30 बजे, सुबह 11.30 से दोपहर बाद एक बजे तक तथा शाम तीन से पांच बजे तक होता है। उनकी कोचिंग में पारुल व गुड़िया भी सहयोग करती हैं। कोचिंग में पढ़ने वाले बच्चों को निशुल्क कॉपी, पेन व किताबें दी जाती हैं। रामू गौतम ने बताया कि इस कार्य में उनके माता-पिता व परिजनों का सहयोग रहता है।