सीतापुर में महमूदाबाद के रमनगरा में आम की बागों को बंदरों के उत्पात से बचाने के लिए इंसान लंगूर बनकर घूम रहे हैं। बागवानों ने लंगूर का वेश धारण करके बागों में फल बचाने की अनोखी कवायद शुरू की है। रमनगरा के बागवानों की इस पहल का अन्य गांव के लोग भी अनुसरण कर रहे हैं। परशुराम ने बताया कि बंदरों को पहले भगाने के लिए लोग पत्थर आदि मारकर भगाते थे। इससे बंदरों को चोट लगती थी। कई तरीके अपनाएं लेकिन बंदरों का उत्पात कम ही नहीं हो रहा था। बंदरों ने काफी परेशान कर रखा था। ऐसे में बंदरों को बिना मारे या नुकसान पहुंचाए, उन्हें भगाने का तरीका ढूंढा। बताया कि हम लोग बंदरों को मार नहीं सकते। क्योंकि हम हिंदू हैं। अपने धर्म में किसी को मारना पाप है। इसके लिए महमूदाबाद से लंगूर वाला मास्क, हाथ में पहनने वाला नाखून का पंजा व काला कुर्ता ले आए। इसको पहनकर बाग में बंदरों को दौड़ाते हैं।