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VIDEO : सोमवती अमावस्या पर नैमिषारण्यधाम में ठंड के बीच श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 30 Dec 2024 02:33 PM IST

यूपी के सीतापुर स्थित पुण्यभूमि नैमिषारण्यधाम में सोमवार को पावन पौष सोमवती अमावस्या के अवसर पर तीर्थभूमि स्थित चक्रतीर्थ, आदि गंगा गोमती के राजघाट, देवदेवेश्वर घाट, रुद्रावर्त धाम के साथ ही पौराणिक चक्रतीर्थ में रात्रि 12बजे के बाद से ही स्नान पूजन हेतु विभिन्न प्रदेशों से बड़ी संख्या में आए। श्रद्धालुओं का पावन दौर चलता रहा। श्रद्धालुओं ने गोमती नदी व चक्रतीर्थ में स्नान पूजन के बाद परम्परा के अनुसार तीर्थ पुरोहितों को दान दिया और गाय और तुलसी का विधिविधान सहित पूजन किया। वहीं प्रातःकाल ठंड अधिक होने की वजह से सुबह श्रद्धालुओं की भीड़ कम रही। मगर 12 बजे के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी महिलाओं ने पीपल वृक्ष का पूजन करके परिक्रमा लगाकर अपने पति की लम्बी उम्र की की इसके बाद भक्तों ने माँ ललिता देवी के पावन श्री चरणों में शीश नवाने के साथ साथ व्यास गद्दी , हनुमान गढ़ी , कालीपीठ, सूत गद्दी , शौनक गद्दी ,देवदेवेश्वर धाम , भूतेश्वर नाथ,बालाजी मंदिरआदि देव स्थानों में दर्शन पूजन का यह पावन क्रम देर शाम तक निरंतर गतिमान रहा। बड़ी संख्या वंशजों ने अपने पितरों के निमित्त पिंडदान किया। क्योंकि, वैसे तो शास्त्रों में हर अमावस्या पितरों को समर्पित मानी गई है। लेकिन, पौष मास की सोमवती अमावस्या बेहद खास है। पौष का पूरा महीना ही पितरों को समर्पित माना जाता है। इसे छोटा पितृपक्ष या मिनी पितृपक्ष भी कहा जाता है। माना जाता है कि इस माह पितरों के निमित्त पिंडदान करने से उन्हें भटकना नहीं पड़ता। वह धरती लोक से सीधे बैकुंठ की ओर प्रस्थान कर जाते हैं। ऐसे में वे अपने वंशजों को आशीर्वाद देकर जाते हैं।

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