नकली नोट छापकर ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों व दुकानों में चलाने वाले गिरोह का पुलिस ने बुधवार पर्दाफाश किया। मामले में हरदत्त नगर गिरंट पुलिस व एसओजी टीम ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से असली व नकली नोट, नोट छापने के कागज, उपकरण व तमंचा तथा बाइक बरामद किया है। गिरोह का सरगना मल्हीपुर के एक मदरसा का प्रबंधक बताया जा रहा है। पुलिस को कुछ दिनों से यह शिकायत मिल रही थी कि मल्हीपुर थाना क्षेत्र में नकली नोट का प्रचलन बढ़ा है। इसका खुलासा करने के लिए एसपी ने टीम का लगाया था। टीम ने मुखबिर की सूचना पर भेसरी नहर पुल से तीन लोगों को नकली नोट, तमंचा व कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद मल्हीपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मनपुर स्थित मदरसे से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। जहां से एक प्रिंटर, दो लैपटाप, चार बोतल स्याही, 35,400 रुपये नकली नोट व 14500 रुपये असली नोट, एक 315 बोर तमंचा व कारतूस, एक कैंची, स्केल, एक कागज का तीन असली नोट चिपका फार्मा, एक बाइक व पांच मोबाइल बरामद हुए। एसपी घनश्याम चौरसिया के अनुसार गिरफ्तार मुबारक अली उर्फ नूरी निवासी लक्ष्मनपुर गंगापुर थाना मल्हीपुर गिरोह का सरगना है। जिसके पांच बीवियां हैं। जो अलग अलग स्थानों पर रहकर नकली पैसे को चलाने का काम करती हैं। इसकी एक बीबी गंगापुर के मदरसा फैजुर्रनबी व दूसरी बहराइच शहर के जामिया नूरिया मस्जिद में शिक्षक है। जब जिला पुलिस उसे घेरती है तो नूरी बहराइच मदरसे में छिपता है। यही गंगापुर मदरसे के एक कमरे में नकली नोट छापता है। जो शाम को बाजार में या फिर कम रोशनी वाले स्थानों पर चलाता है। गिरोह में बहराइच के थाना पयागपुर के काशी जोत निवासी जमील अहमद, विशेश्वरगंज थाना क्षेत्र के सर्बदी निवासी धर्मराज शुक्ला, रामगांव थाना क्षेत्र के बेगमपुर निवासी रामसेवक व सोनवा थाना क्षेत्र के ककंधू गांव निवासी अवधेश कुमार पांडेय भी शामिल हैं।