यूपी के श्रावस्ती में रिक्शा चालक को शिक्षक बताकर 51 लाख की रिकवरी भेजने के मामले में नया मोड़ आ गया है। अमर उजाला पर खबर छपने के बाद शिक्षा विभाग बैक फुट पर आ गया है। बीएसए ने तत्काल इसका संज्ञान लिया और नोटिस को निरस्त कर दिया। यानी विभाग ने माना कि उसकी गलती से नोटिस गया था। पीड़ित मनोहर लाल यादव ने कहा कि अधिकारियों ने तो हमारी जिंदगी बर्बाद करने का ही सोच लिया था। हम लोग काफी परेशान थे। खाना-पीना मुहाल हो गया था। लेकिन, अमर उजाला ने सच्चाई दिखाकर हमें बचा लिया। हमारी वसूली की नोटिस निरस्त कर दी गई है।