शामली में राष्ट्रीय महासंघ मां शाकंभरी विश्वविद्यालय सहारनपुर इकाई द्वारा वीवी पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का मूल्यांकन विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी के मुख्य वक्ता डाॅ. हरबीर मलिक ने छात्र-छात्राओं को बताया कि नई शिक्षा नीति में काफी बदलाव हुए है। नई शिक्षा नीति में छात्र-छात्राओं के रोजगार और स्वालंबन बनाने पर जोर दिया गया है। कार्यशाला का उद्घाटन राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ सहारनपुर इकाई के संयोजक प्रोफेसर डॉ. सुधीर कुमार और सहसंयोजक डॉ. भूपेंद्र कुमार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। संयोजक डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाला एक ऐसा संगठन है, जो शिक्षा शिक्षक एवं राष्ट्र के हितों को ध्यान में रखकर आज पूरे भारतवर्ष में सक्रिय रूप एवं व्याप्त है। यह प्राथमिक से विश्वविद्यालय स्तर पर सक्रिय रहने वाला संगठन शिक्षा के माध्यम से भारत की सनातन संस्कृति के अनुरूप समाज एवं राष्ट्र का निर्माण करने के लिए प्रयत्नशील है। सहसंयोजक डॉ. भूपेंद्र कुमार ने भी विचार रखे। संगोष्ठी के अतिथि वक्ता डाॅ. हरबीर सिंह चौधरी ने कहा कि पहले उच्च शिक्षा पर तीन प्रतिशत खर्च किया जाता था। अब सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लिए सरकार ने उच्च शिक्षा के लिए लक्ष्य छह प्रतिशत रखने का प्रस्ताव दिया है। नई नीति में पूरे वर्ष छात्रों का सतत मूल्यांकन किया जाता है। नइ शिक्षा नीति में रोजगार तथा स्वावलंबन को महत्व दिया गया है।