फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शामली के चौसाना में लाइनमैन की मौत पर परिजनों में आक्रोश, बिजलीघर पुलिस चौकी पर लोगों का हंगामा

झिंझाना में बिजली घर पर कार्यरत लाइनमैन मोनू की गुरुवार दोपहर बिजली हादसे में दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के बाद देर रात परिजनों और अन्य लोगों में आक्रोश फैल गया। परिजनों के साथ सैकड़ों ग्रामीण ऊर्जा निगम के कर्मचारियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस चौकी , बिजलीघर पर पहुंच गए और वहां जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और तहरीर दी। सूचना पर थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार शर्मा चौकी पर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कोशिश की। उन्होंने परिजनों को समझाया और जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद लोगों ने बिजलीघर जाकर हंगामा किया और बिजली विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। रात होते-होते तनाव बढ़ा, सीओ कैराना और तहसीलदार ऊन पहुंचीं मौके पर रात करीब 12 बजे जैसे ही मृतक मोनू का शव बिजली घर पहुंचा, उसकी पत्नी सोनिया, जो दृष्टिबाधित है, तीन छोटे बच्चों और परिवार की अन्य महिलाओं के साथ मौके पर पहुंची। मासूम बच्चों के रोने-बिलखने और परिजनों के विलाप ने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया। वहीं विभागीय अधिकारियों की देरी और कोई ठोस आश्वासन न मिलने पर भीड़ उग्र हो उठी। नोकझोंक तक पहुंची बात भीड़ में शामिल कुछ लोग बेहद आक्रोशित थे। इस दौरान बिजली विभाग के कुछ कर्मियों के साथ नोकझोंक भी हुई। किसी तरह ग्रामीणों ने मामले को संभाला। देर रात एक्सईएन पहुंचे, आश्वासन पर शांत हुआ मामला रात करीब 1 बजे एक्सईएन शामली सौरभ पाठक अपनी टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा, पत्नी की इच्छा अनुसार एक परिजन को नौकरी, और विभागीय कर्मचारियों के सहयोग से अतिरिक्त करीब 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जो भी कर्मचारी जांच में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रात 3:30 बजे मृतक का शव बिजली घर से उठाकर घर ले जाया गया। शुक्रवार सुबह करीब 9:00 बजे अंतिम संस्कार किया गया। यह है मामला चौसाना बिजलीघर पर तैनात लाइनमैन मोनू की 11 हजारी लाइन में काम करते समय बृहस्पतिवार को करंट लगने से मौत हो गई थी। गुस्साएं परिजनों ने लापरवाही काआरोप लाते हुए झिंझाना के अस्पताल के बाहर हंगामा किया था। किसी तरह उन्हें शांत कराया गया था।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें