भारतीय किसान यूनियन चढूनी के कार्यकर्ता हरियाणा पंजाब बार्डर पर बैठे किसानों की मांगों के समर्थन में शाहजहांपुर के कलक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से बताया कि आंदोलन की शेष मांगों सहित न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर हरियाणा पंजाब बॉर्डर पर किसान आंदोलनरत हैं। इस आंदोलन में सरदार जगजीत सिंह किसानों की मांगों को लेकर कई दिनों से आमरण अनशन पर बैठे है। उनकी हालत बहुत नाजुक है। मांग की गई कि सरकार आंदोलनरत किसानों से पुनः बातचीत करे। कृषि विपणन नीति के नए मसौदे में मंडी के बाहर प्राइवेट स्थान को मंडी मानने की शर्त गलत है। प्राइवेट स्थल को मंडी बनाने से फसल के भाव को लेकर होने वाली व्यापारियों के प्रति स्पर्धा खत्म हो जाएगी। उत्तर प्रदेश में गन्ना का मूल्य 370 रुपये प्रति क्विंटल है। पंजाब और हरियाणा में क्रमशः 410 और 400 रुपये प्रति क्विंटल है। उत्तर प्रदेश में गन्ने का परता हरियाणा पंजाब से ज्यादा है। फिर भी गन्ना मूल्य कम है। उत्तर प्रदेश में 450 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना भाव किया जाना चाहिए। बिजली के निजीकरण को रद्द किया जाए। इससे किसानों को बिजली महंगी मिलेगी। मांगों का निस्तारण न होने की स्थिति में किसान बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में युवा जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार उर्फ सोनू मिश्रा, तरविंदर सिंह मोमी, लालाराम, सर्वेश त्रिवेदी, लक्ष्मण, रामकुमार वर्मा, गुरदीप सिंह, रामसागर, मोनू मिश्रा, सुमित कुमार, राकेश कुमार सहित कई किसान मौजूद रहे।