शाहजहांपुर के मोहल्ला बाबूजई स्थित दरगाह में हजरत सैयद फखरे आलम मियां का तीन दिवसीय सालाना उर्स शुरू हो गया। इस बीच कुरआनख्वानी व फातिहाख्वानी की गई। बुधवार को शाम पांच बजे चादरपोशी की रस्म अदा की गई। सज्जादानशीन के साथ तमाम लोगों ने मजार पर अपनी अकीदतों के नजराने पेश किए। इसके बाद नातिया मुशायरे में शायरों ने नातिया कलाम सुनाए। इससे पहले मंगलवार रात महफिल ए मीलाद का आगाज कुरआन पाक की तिलावत से हुआ। शहर पेश इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंज़री ने कुरआन व हदीस के मुताबिक जिंदगी गुजारने और नमाज की पाबंदी करने पर जोर दिया। मस्जिद सैयद फखरे आलम मियां के इमाम हाफिज मोहम्मद नदीम रजा कादरी ने तकरीर की। मौलाना तौफीक रजा ने मसलके आला हजरत की तालीम पर अमल करने की अपील की। हाफिज मोहम्मद नदीम, अंसार अहमद, सूफी फूल मियां, मोहम्मद सद्दाम, वसीम कादरी, मोहम्मद शादाब आदि ने नात पेश की। सैयद अब्दुल रहमान, तौफीक, अहद मियां, अता खान, खालिद, राजिक खान मौजूद रहे। सैयद नूर मियां ने बताया कि बृहस्पतिवार को शाम चार बजे चादरपोशी होगी। साढ़े पांच बजे कुल शरीफ व लंगर होगा।