पीलीभीत। पूरनपुर मंडी समिति पूरनपुर में धान खरीद की व्यवस्थाओं में लापरवाही और किसानों को हो रही परेशानियों को लेकर डीएम आलोक कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को मंडी के धान खरीद केंद्रों का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम ने पीसीयू प्रथम केंद्र पर कम खरीद होने और केंद्र प्रभारी की ओर से किसानों से मोबाइल पर संपर्क नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने सभी खरीद केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को फोन करके धान बिक्री के लिए केंद्र पर बुलाएं। केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय किसानों से लगातार संपर्क बनाए रखें। किस किसान से कब और क्या बातचीत हुई, इसका ब्योरा भी अभिलेखों में दर्ज किया जाए। वहीं जिले के सभी 160 क्रय केंद्रों पर ऑफलाइन खरीद पर रोक लगा दी गई है। जिन किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण है उनसे ही धान की खरीद करने के निर्देश डीएम ने जारी किए है। डीएम ने कहा कि खरीद केंद्रों पर किसानों को धान बिक्री के लिए अनावश्यक परेशान न होना पड़े। पंजीकरण, सत्यापन और अन्य प्रक्रियाओं के कारण खरीद प्रभावित नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान किसानों ने धान तौल होने के बाद भी भुगतान खातों में नहीं पहुंचने और सत्यापन में देरी की शिकायतें कीं। इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का निस्तारण कराने के निर्देश दिए। किसान नेता बलजिंदर सिंह और पूरनपुर कुर्रैया निवासी पाल सिंह ने बताया कि मंडी में कई दिन पहले धान की तौल हो चुकी है, लेकिन अधिकांश किसानों के खातों में भुगतान नहीं पहुंचा है। देवीपुर गांव के संजीव पांडेय ने धान बिक्री के लिए सत्यापन नहीं होने की समस्या बताई। पिपरिया जयभद्र के जावेद ने फार्मर रजिस्ट्री में खेतों का पूरा रकबा दर्ज नहीं होने और लेखपाल पर समस्या का समाधान करने के बजाय लगातार टरकाने का आरोप लगाया। इस पर डीएम ने एसडीएम कलीनगर को फोन कर जावेद की समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए।