पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सौहार्द पर आंच आने पर शाहजहांपुर में जमीयत उलमा-ए-हिंद की तरफ से आओ भाईचारा बढ़ाएं कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन किया। एकता व मेल-मिलाप का संदेश दिया। इससे पूर्व दो मिनट का मौन रखकर आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। शनिवार को कार्यक्रम की शुरुआत प्रोफेसर सैयद मोहम्मद नोमान ने की। उन्होंने कहा कि आज का दौर नफरत से नहीं बल्कि मोहब्बत और भाईचारे से देश को मजबूत करने का है। हमारा मकसद न सिर्फ संवाद को बढ़ावा देना है बल्कि एक-दूसरे के धर्म संस्कारों को समझने और सम्मान देने की परंपरा को जीवित रखना है। मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आईआरएस अधिकारी कमल किशोर कठेरिया ने कहा कि हिंदू और मुसलमान दो अलग समुदाय नहीं बल्कि एक ही बगिया के दो फूल हैं। हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को नफरत नहीं मोहब्बत और एकता की सीख देनी होगी। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखा और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया। कार्यक्रम में सैयद रिजवान, सैयद कासिम रजा, राम शंकर लाल, डॉ. प्रवीण कुमार कपिल, प्रवेश तोमर, मौलाना इमरान कासिम, सुरेश पाल सिंह, सैयद मोहम्मद गजवान आदि मौजूद रहे।