क्षेत्र के सेवहां चौबे गांव में चल रहे शतचंडी महायज्ञ के दूसरे दिन कथा व्यास आचार्य गौरव कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भवरुपी-रोग(जीवन मरण) की सबसे बड़ी अचूक दवा भगवान श्री राम की कथा है। यह कथा प्राणी को काम, क्रोध, मोह माया से विरत करता है। कथा व्यास ने कहा कि राम कथा हमें धर्म प्रेम और सत्य निष्ठा का मार्ग दिखाती है। साथ ही साथ राम कथा सुनने से सांसारिक सुख और आध्यात्मिक ज्ञान भी प्राप्त होता हैं। जिन लोगों को जीवन मरण का डर सताता है श्री राम कथा के आध्यात्मिक सागर में डुबकी लगाने से सर भय समाप्त हो जाता है।