संभल के रजपुरा थाना क्षेत्र की हरिबाबा बांध धाम पुलिस चौकी के प्रभारी राकेश सिंह को चार बजे एंटी करप्शन की टीम ने 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। दरोगा को रिश्वत लेकर पहुंचे बिचौलिया गांव मोलनपुर डांडा निवासी इकबाल यादव को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपी दरोगा ने धोखाधड़ी के मुकदमे में नाम निकालने के लिए 50 हजार रुपये की रिश्वत अमरोहा जिले के थाना आदमपुर अंतर्गत गांव दहेरी खादर निवासी सुखवीर से मांगी थी। इसमें तय हुआ था कि 20 हजार रुपये मंगलवार को दिए जाएंगे और 30 हजार रुपये तीन दिन बाद दिए जाने हैं। इसी क्रम में सुखवीर ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की और पूरी जानकारी दी। सुखवीर कादावा है कि वह निर्दोष है और उसका नाम मुकदमे में गलत जोड़ा गया है और विवेचना भी सही नहीं की। शिकायतकर्ता सुखवीर ने बताया कि 23 जून को रजपुरा थाने में गवां निवासी सुकेश चंद्र पारिक ने फर्जी बैनामा कराने के मामले में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें चार आरोपी बनाए गए थे। सुखवीर ने बताया कि वह भी आरोपी बना दिया गया था, जबकि उसका कोई दोष नहीं था। विवेचना राकेश सिंह को मिली थी। विवेचना में भी नाम नहीं निकाला तो बिचौलिया इकबाल यादव के माध्यम से नाम निकालने की सिफारिश कराई थी। जिसमें दरोगा ने 50 हजार रुपये मांगे और नाम निकालने का भरोसा दिया था। जब वह रुपये लेकर नाम निकालने का तैयार हो गया तो 10 दिन पहले एंटी करप्शन से शिकायत की। एंटी करप्शन के बताए तरीके से ही मंगलवार को 20 हजार रुपये बिचौलिया इकबाल यादव के माध्यम से पुलिस चौकी लेकर पहुंचे थे। दरोगा ने रुपये लिए तो उसी दौरान एंटी करप्शन टीम के सदस्य ने दरोगा को पकड़ लिया। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी नवल मारवा ने रजपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।