पवित्र गंगाजल लेकर शिवालयों की ओर बढ़ कांवड़ियों ने अपनी चाल बढ़ा दी है। महानगर में शिव भक्ति का रंग ऐसा है कि कांवड़ियों से लेकर सेवा में लगे सेवादार भी शिव की भक्ति में रंगे हैं। जहां देखों वहां पर कांवड़ियों के रूप में शिव ही शिव दिखाई दे रहे हैं। कांवड़ मार्ग पूरी तरह से शिवमय हो चुका है। शिवरात्रि के तीन दिन शेष रहने के चलते कांवड़ियों ने भी तेजी दिखाई है। 23 जुलाई को शिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा।