कैराना से सांसद इकरा हसन अपने समर्थकों को जेल भेजे जाने से नाराज होकर कोतवाली सदर बाजार में धरने पर बैठ गईं। वह शामली के जसाला गांव में युवक मोनू कश्यप की मौत के मामले में उसकी मां को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से मिलने पहुंची थीं। आरोप है कि वहां से निकलने के बाद यातायात व्यवस्था बाधित करने के आरोप में पुलिस ने सांसद और कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। सांसद को थोड़ी देर बाद छोड़ दिया गया, जबकि छह कार्यकर्ताओं को जेल भेज दिया गया। इसकी सूचना मिलने पर सांसद कोतवाली पहुंचकर धरने पर बैठ गईं और सभी को रिहा करने की मांग करने लगीं। इस दौरान उनकी पुलिस अधिकारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई। महिला थाने से बाहर निकलते समय महिला थानाध्यक्ष द्वारा पीठ पर हाथ रखने पर सांसद नाराज हो गईं और उन्होंने हाथ न लगाने की बात कही। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क पर अवरोध पैदा होने के कारण कार्रवाई की गई है और मामले की जांच जारी है।