सहारनपुर में गुर्जर समाज के लोगों ने फरीदाबाद के ऐतिहासिक अनंगपुर गांव में मकान को तोड़ने और ग्रामीणों के खिलाफ उत्पीड़न को लेकर जिला मुख्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में बताया कि फरीदाबाद क्षेत्र के गांव अनंगपुर में प्रशिक्षण प्रशासन की उत्पीड़न की कार्रवाई गलत है। करीब 700 साल पहले बसे गांवों को अवैध घोषित करना समझ से परे है।उन्होंने कहा कि वन विभाग की मनमानी और द्वेषपूर्ण राजनीति के चलते लोगों के आशियाने पर बुलडोजर का कहर ढाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि अरावली रेंज को फॉरेस्ट भूमि माना जाए और खसरा नंबर देते हुए 1500 एकड़ के आसपास तक क्षेत्र लिमिट कर सीमा निर्धारित की गई है, जिसमें अतिक्रमण हटाने के निर्देश हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने करीब 4400 एकड़ क्षेत्र में बसे गांव,घरों, मंदिरों तक को टारगेट बनाकर ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया है। इस तरह की लापरवाही और मौन भी एक तरह का अन्याय ही है। उन्होंने कहा कि फॉरेस्ट एक्ट के तहत के ग्रामीणों को सुनवाई का अधिकार मिले। जहां व्यावसायिक गतिविधियों के लिए सीएलयू दिए गए वहां भी सामान कार्यवाही की जाए। कोर्ट के आदेशों को स्पष्ट किया जाए। इसके साथ ही अन्य मांगों को जल्द से जल्द माने जाने की मांग की। इस मौके पर अबुल चौधरी, उज्जवल,प्रवेश गुर्जर, राहुल, नीरज, दीपक आदि मौजूद रहे।