सहारनपुर में आसपा कांशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हुए हमले के विरोध में आसपा एवं भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने बहुजन समाज के उत्पीड़न की घटनाओं पर रोष व्यक्त करते हुए प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। सोमवार को आसपा और भीम आर्मी के कार्यकर्ता हकीकत नगर धरना स्थल पर एकत्र होकर नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया और सिटी मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और धार्मिक अल्पसंख्यक समाज का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मथुरा में सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर भी हमला किया गया है। भाजपा सरकार इन घटनाओं को रोकने में विफल साबित हो रही है। मथुरा जनपद में पिछले 15 दिनों के अंदर तीन स्थानों पर इस तरह की घटनाएं हुई हैं। थाना मांट के गांव सिर्रेला में पिछड़े वर्ग के वासुदेव बघेल नाम के युवक की हत्या हुई है, दूसरी घटना में वहां के गांव करनावल में अनुसूचित जति की बेटियों की शादी में बराती और घरातियों के साथ मारपीट हुई है। तीसरी घटना में गांव भगत सिंह नगलिया में चंद्रपाल और उनके परिजनों पर फायरिंग की गई है। चौथी घटना में मेरठ के गांव कालिन्दी में बरात के साथ मारपीट की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीडि़त लोगों के परिजनों में मिलने गए सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर मथुरा में हमला किया गया। उन्होंने कहा कि पीडितों के परिजनों को अर्थिक सहायता दी जाए और दोषियों के विरुद्ध कडी कार्रवाई की जाए।