रामपुर में छठ पर्व के चौथे दिन तालाबों में आस्था का सैलाब उमड़ा। सरोवरों व पूजा स्थलों पर शुक्रवार तड़के चार बजे से ही व्रती महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। हाथों में प्रसाद का सूप थामें व्रती महिलाओं ने पानी में खड़े होकर सूर्यदेव के उगने की प्रतीक्षा की। जैसे ही सूर्य की पहली किरण फूटी, भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर संतान के सुख-समृद्धि की कामना की। पुत्रों व अन्य परिजनों को प्रसाद देकर 36 घंटे की कठिन व्रत का समापन किया।