क्षेत्र में महराजगंज-इन्हौना मार्ग पर कैर गांव के पास निर्माणाधीन पुल के पास आने-जाने के लिए बनाया गया बाईपास बारिश में बह गया। इससे न सिर्फ महराजगंज व अमेठी जिले के 65 गांवों का संपर्क महराजगंज तहसील मुख्यालय से टूट गया, बल्कि अमेठी जिले से आने वाले मुसाफिरों की दूरी बढ़ गई है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बाईपास बहने से आवागमन रोक दिया है। इसी के साथ चार करोड़ की लागत से बन रहे पुल का निर्माण ठप हो गया है। महराजगंज-इन्हौना मार्ग पर कैर गांव के पास नइया नाले पर बना पुल जर्जर होने के कारण आने-जाने में दिक्कत हो रही थी। इसकी जगह चार करोड़ की लागत से नया पुल बनाया जा रहा था। लोगों को आने-जाने के बगल से बाईपास बनाया गया था। बीते दिनों हुई तेज बारिश से नाले का जलस्तर बढ़ने लगा। पानी का दबाव बढ़ा तो बाईपास बह गया। इससे 65 गांवों का संपर्क महराजगंज तहसील से टूट गया। अब इन गांव के ग्रामीणों को महराजगंज आने के लिए पंद्रह किमी. दूर पहले हैदरगढ़ जाना पड़ रहा है। इसके बाद महराजगंज आने को मजबूर हैं। इसी रूट अमेठी जिले के लोग भी आएंगे। सबसे ज्यादा दिक्कत विद्यालय जाने वाले बच्चों को हो रही है। जहां पर बाईपास बहा उससे सटे गांव कैर, मोन, कुशमहुरा, मऊ गांव के लोग डीह रजबहा से चंदापुर फिर महराजगंज पहुंच रहे हैं। इसके लिए उन्हें आठ किमी. का चक्कर लगाना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राजेश यादव ने बताया कि बाईपास के पास पाइपें डालकर आवागमन बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है। जलस्तर कम होने के बाद पुल का निर्माण शुरू कराया जाएगा।