गेगासों गंगा नदी में बने जर्जर पुल की मरम्मत के लिए क्षतिग्रस्त जगहों को तोड़ने का काम अंतिम चरण में चल रहा है। तोड़ने के बाद पुल की मरम्मत का काम शुरू कराया जाएगा। इस कार्य में अभी पांच माह का समय लग सकता है। ऐसे में गेगासों गंगा पुल से फर्राटा भरने में अभी लोगों को इंतजार करना पड़ेगा। पुल की मरम्मत में करीब 16 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बांदा-बहराइच हाईवे पर छोटे और भारी वाहनों का आवागमन होता है। इससे फतेहपुर, बांदा समेत आसपास जिले के लोग आते-जाते हैं। सरेनी क्षेत्र के गेगासों में बना गंगा पुल जर्जर होने से चार महीने पहले भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया। फतेहपुर की तरफ से जाने वाले वाहनों को अब लालगंज, मुराईबाग होते हुए निकाला जा रहा है। इसके लिए वाहन चालकों को अतिरिक्त 20 किमी. चक्कर काटना पड़ रहा है। एनएचएआई की ओर से इसकी मरम्मत में करीब 16 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बदले जाएंगे एक्सपेंशन ज्वाइंट और बेयरिंग गंगा पुल की मरम्मत के लिए पुरानी सड़क को तोड़ने का काम पूरा हो गया है। इसके बाद पुल में बनाए गए 29 एक्सपेंशन ज्वाइंट बदले जाएंगे। इसके अलावा पुल में लगाई गई बेयरिंग भी बदली जाएंगी। इसके अलावा अन्य खामियाें को भी दूर किया जाएगा। पुल की मरम्मत का काम पूरा होने में अभी तक पांच माह लग सकता है। तब तक वाहनों को लालगंज, मुराईबाग होकर निकलना जाएगा।