रायबरेली। विकासखंड सतांव हो या शिवगढ़, जहां पर छोटे किसान हैं, उनकी फार्मर रजिस्ट्री अटक गई है। करीब 70 प्रतिशत किसानों ने अपनी फार्मर रजिस्ट्री भी करा ली है। लेकिन विकासखंड के कई गांवों में फार्मर रजिस्ट्री और पंजीकरण का काम बाधित है। हाजीपुर, सतांव, अटौरा बुजुर्ग, मलिकमऊ चौबारा का कुछ क्षेत्र, सलारपुर, कोरिहर सहित अन्य गांवों में इन दिनों चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। इन गांवों के लगभग 10 हजार किसानों की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। क्योंकि जिन गांवों में चकबंदी चल रही है वहां चकबंदी के कारण इन किसानों के गाटों में बदलाव होने की संभावना है। इसी वजह से राजस्व रिकॉर्ड और खतौनी में गड़बड़ी का डर है, जिससे पोर्टल पर रजिस्ट्री पूरी नहीं हो पा रही, तथा चकबंदी होने के कारण यहां की खतौनी डिजिटल नही है। शिवगढ़ में भी यह हाल यह है कि फार्मर रजिस्ट्री न होने से किसानों को खाद नहीं मिल रही है।