रायबरेली जिले में धान की रोपाई का सीजन 15 जून से शुरू हो चुका है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से रोपाई का काम अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रहा है। किसानों का कहना है कि खेतों में पानी की व्यवस्था नलकूपों पर निर्भर है, जबकि नहरों में भी पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। खास बात ये है कि पांच साल में जिले में सामान्य वर्षा नहीं हो सकी है। जिले में इस साल एक लाख 61 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर धान की रोपाई का लक्ष्य है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण कई किसान अभी तक रोपाई शुरू नहीं कर सके हैं। जिन किसानों ने कार्य शुरू किया है, उन्हें भी सिंचाई के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस समय खेतों के लिए केवल आठ घंटे बिजली मिल रही है, जिससे नलकूपों के जरिए सिंचाई करना भी आसान नहीं है। किसानों को करीब 15 घंटे बिजली मिलनी चाहिए। दूसरी ओर मजदूरों की कमी भी किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। मजदूरी महंगी होने और पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध नहीं होने से रोपाई की गति और धीमी पड़ गई है। खास बात ये है कि जून माह में सामान्य वर्षा 80.50 मिमी होनी चाहिए। साल 2021 में सामान्य वर्षा के सापेक्ष 88.20 मिमी बारिश हुई थी। इसके बाद से हर साल सामान्य वर्षा से कम बारिश हुई है। इस साल जून माह में 17.30 मिमी बारिश हुई है। किसान दिनेश कुमार, सतीष यादव ने बताया कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की फसल की रोपाई का काम प्रभावित हो सकता है। उनका कहना है कि नहरों में समय पर पानी छोड़ा जाए और बिजली आपूर्ति बढ़ाई जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।