नसीराबाद (रायबरेली)। क्षेत्र के बभनपुर गांव में सरकारी व निजी भूमि पर हो रहे कथित अवैध खनन के विरोध में ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन और राजस्व विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि खनन पर रोक नहीं लगी तो वे जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। मंगलवार को क्षेत्र के बभनपुर-मितई संपर्क मार्ग पर दर्जनों ग्रामीण एकत्र हुए और विरोध जताया। प्रधान प्रतिनिधि भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि गांव की सरकारी भूमि तथा एक भट्ठे की जमीन से पिछले एक सप्ताह से रात भर डंपरों से मिट्टी ढोई जा रही है, जिससे ग्रामीणों का रात में सोना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि बीती रात एक डंपर की टक्कर से हीरालाल का टीन भी टूट गया। गांव के शिव श्याम ने बताया कि खड़े गेहूं की फसल के बीच से जबरन डंपरों के लिए रास्ता बना लिया गया है। मना करने पर मारपीट की धमकी दी जाती है। ग्रामीण धीरेन्द्र, पंकज, संतराम, गंगाराम, सनी कुमार वर्मा, राजीव और विवेक पांडेय ने बताया कि करीब दो माह पहले पूरे मितई संपर्क मार्ग का लाखों रुपये की लागत से डामरीकरण कराया गया था, लेकिन भारी डंपरों के आवागमन से सड़क जगह-जगह उखड़ गई है, जिससे आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। प्रदर्शन के दौरान रवि द्विवेदी, सुशील कुमार, प्रेम वर्मा, राहुल पटेल सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। इस संबंध में थानाध्यक्ष पवन कुमार सोनकर ने बताया कि सलोन एसडीएम द्वारा खनन की अनुमति दी गई है। यदि ग्रामीणों को कोई आपत्ति है तो वे एसडीएम से शिकायत कर सकते हैं। पुलिस का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है।