यूपी के रायबरेली में सतांव विकास क्षेत्र में 13 विद्यालयों का विलय किया गया है। विलय के बाद कई गावों के बच्चों के लिए विद्यालय तीन से चार किमी तक दूर हो गए। रास्ते में हाईवे भी पड़ता है। हाईवे पर तेज रफ्तार में फर्राटा भर रहे छोटे-बड़े वाहन, जंगल में खतरनाक जीव-जंतु और नहर-नाला पड़ने से अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में डर रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अभिभावक उन्हें स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं। सतांव विकास क्षेत्र में 88 प्राथमिक, 19 उच्च प्राथमिक व 16 कंपोजिट यानी 123 स्कूल संचालित थे। इनमें पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की संख्या 12174 है। कम छात्र संख्या वाले 13 प्राथमिक विद्यालयों का विलय दूसरे स्कूल में किया गया है। इनमें पूरे तिवारी, शाहपुर सिंगरिया, शिवमंगल खेड़ा, रसूलपुर गुंडा, पूरे उम्मेद, बरगदिहा, देदौर-द्वितीय, पूरे कछवाहन, लोहरामऊ, सरवा नौबती, चंदौली, अहमदपुर और बखरी शामिल हैं। ग्राम प्रधान विश्वनाथ कहते हैं कि स्कूल की दूरी अधिक करना उचित नहीं है। अगर, विलय करना है तो नजदीकी स्कूल में किया जाए। विद्यालय प्रबंध समिति की पदाधिकारी सीमा कहती हैं कि विलय से आने वाली दिक्कतों से अधिकारियों को अवगत करा दिया है। शिक्षक नेता चंद्रमणि वाजपेयी का कहना है कि छोटे बच्चे बहुत अधिक दूर हाईवे, जंगल या नहर पार करके नहीं जा सकते हैं। विलय से रसोइयों को भी दिक्कतें आएंगी।