रायबरेली में गैस सिलिंडर को लेकर बनी स्थिति का असर बाजार पर दिख रहा है। इसके चलते इंडक्शन चूल्हे और इलेक्ट्रिक केतली की बिक्री तेजी से बढ़ गई है। लोग रसोई के लिए गैस के बजाय अन्य साधनों की व्यवस्था कर रहे हैं। यह संकट उपभोक्ताओं और व्यवसायियों दोनों को प्रभावित कर रहा है। इलेक्ट्रिक व्यवसायी आयुष कुमार ने बताया कि पिछले दो दिनों से इंडक्शन चूल्हे की बिक्री में वृद्धि हुई है। अमित गुप्ता ने बताया कि अभी पुराने प्रिंट रेट पर इंडक्शन और हीटर चूल्हा बिक रहे हैं, लेकिन अप्रैल में नया माल आने के बाद दाम बढ़ जाएंगे, इस कारण इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के दाम भी बढ़ेंगे। उधर गैस सिलिंडर की मारामारी से होटल और रेस्टोरेंट संचालक भी परेशान हैं। रेस्टोरेंट संचालक दिनेश कुमार ने कोयले की भट्ठी तैयार कराई है। उन्होंने कहा कि गैस न मिलने पर इसी पर खाना बनाना पड़ेगा। संतराम के अनुसार, फिलहाल पुराने सिलिंडर पर काम चल रहा है। लेकिन खत्म होने के बाद उन्हें दिक्कत हो सकती है। एलपीजी संकट की आशंका के बीच वैकल्पिक ईंधन की मांग बढ़ी है। लोग अपनी रसोई के लिए नए विकल्प तलाश रहे हैं।