एक प्राइवेट शिक्षक की रविवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उनका शव फंदे से लटक रहा था, जबकि दोनों पैर जमीन पर रखे हुए थे। ऐसे में परिजन व क्षेत्रीय लोग शिक्षक की हत्या किए जाने का अंदेशा जता रहे हैं। पुलिस प्रकरण की जांच कर रही है। गदागंज थाना क्षेत्र के पूरे प्रहलाद सिंह मजरे चंदई चरुहार गांव निवासी युवराज सिंह (19) क्षेत्र के कुंवर मुनीद्र सिंह महाविद्यालय दीनशाहगौरा में बीए द्वितीय वर्ष के छात्र थे। साथ ही गुरु प्रसाद मेमोरियल पब्लिक स्कूल अलीपुर चकराई प्राइवेट स्कूल में गणित टीचर थे। रविवार को स्कूल में छुट्टी होने की वजह से लगभग 11.30 बजे युवराज सिंह पशुओं को खिलाने के लिए बरसींम काटने के लिए खेत गए थे। काफी देर तक घर लौटकर नहीं आए तो परिजन खेत पहुंचे। इस दौरान परिजनों ने देखा कि चिलवल के पेड़ की डाल से अंगोछे के सहारे युवराज का शव लटक रहा है। हालांकि उनके दोनों पैर कमर के हिस्से समेत जमीन पर रखे हुए थे। चिलवल की डाल की ऊंचाई भी कम थीं। पिता अजय सिंह ने बेटे की हत्या किए जाने की आशंका जताई। थाना प्रभारी पंकज कुमार त्यागी ने घटना के बारे में परिजन व आसपास के लोगों से पूछताछ की। बताया कि प्रथम दृष्टया प्रकरण खुदकुशी का लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद शिक्षक की मौत की असल वजह सामने आएगी। फिलहाल पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच कराई जा रही है। मेरा बेटा मारा गया, खुद नहीं मरा युवराज की मौत से पिता अजय सिंह, मां सीमा सिंह के आंसू नहीं थम रहे हैं। पिता के मुताबिक सुबह वह गेहूं की फसल की दवा में दवा का छिडक़ाव करने गए थे। उनका बेटा युवराज खेत में बरसीम काटने गए थे। उनके बेटे को मारा गया है। उनका बेटा खुदकुशी नहीं कर सकता। वह घर के जिम्मेदार थे। वह परिवार सबसे बड़े थे। बेटे की हत्या की गई है। प्रकरण की गहनता से जांच की जाएगी तो असलियत सामने आ जाएगी। युवराज की मौत से छोटे भाई अंशुमान सिंह व बहन अनामिका सिंह भी गमगीन हैं।