नगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के अभियान को लेकर मंगलवार को दोपहर 2 बजे तहसील सभागार में एसडीएम की अध्यक्षता में समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष, नगर पंचायत प्रशासन, व्यापार मंडल, पुलिस विभाग व गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि अतिक्रमण हटाने से पहले पूरे नगर में एक तय रूट निर्धारित कर अतिक्रमण चिन्हित किए जाएंगे। संबंधित व्यक्तियों को पूर्व में सूचित कर स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया जाएगा। एसडीएम मिथलेश त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि यदि इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन उसे हर हाल में हटाएगा। व्यापार मंडल के दोनों गुटों के अध्यक्षों ने भी अपने-अपने सुझाव दिए। नगर अध्यक्ष विवेक शर्मा ने कहा कि प्रशासन को बिना व्यापारियों को विश्वास में लिए अभियान नहीं चलाना चाहिए। वहीं, व्यापारी नेता राहुल भदौरिया ने कहा कि उनका संगठन अतिक्रमण हटाने के अभियान में प्रशासन का पूरा सहयोग करेगा। सीओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि नगर में लगने वाले जाम से आम नागरिकों के साथ व्यापारियों को भी भारी परेशानी होती है। इससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। इसलिए व्यापारियों को भी समझने की जरूरत है। व्यापारी दुकानों के सामने सड़क तक सामान न फैलाएं ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके। नगर पंचायत अध्यक्ष सरिता गुप्ता ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाने के अभियान में उनकी कोई भूमिका नहीं होती, यह पूरी तरह प्रशासनिक कार्य है। उन्होंने कहा कि उनकी जिम्मेदारी नगर को सुंदर और सुव्यवस्थित बनाना है। वह व्यापारियों के सहयोग से नगर के विकास के लिए हमेशा प्रयासरत रहेंगी। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी राजभान शुक्ला ने बताया कि अतिक्रमण हटाने का निर्देश प्रदेश स्तर से मिला है। सभी व्यापारी नेताओं से अपील की कि वे व्यापारियों को समझाएं और प्रशासन का सहयोग करें। बैठक में अन्य मुद्दों जैसे नालों की सफाई, ई-रिक्शा व्यवस्था, अस्पताल मोड़ पर लगने वाली बाजार को अन्यत्र स्थानांतरित करने सहित अन्य विषयों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह, सभासद राघवेंद्र सूर्यवंशी, बबलू तिवारी, अतुल शर्मा, सीमा देवी, राकेश कुमार, मृत्युंजय, सौरभ, जीतू सिंह, रोहित सोनी, अप्पू शर्मा, शिवम गुप्ता, अर्पित गुप्ता सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और नागरिक मौजूद रहे।