सावन के दूसरे सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए पीलीभीत शहर के अलावा अन्य इलाकों से शिव भक्त गंगाजल लेने हरिद्वार और अन्य स्थानों के लिए रवाना हुए। काफी संख्या में शिवभक्तों के वापस आने का देर शाम से सिलसिला शुरू हो गया था। इस दौरान मंदिरों में भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाओं को पूरा कर लिया गया है। पुलिस बल भी मंदिर से लेकर कांवड़ रूटों पर तैनात कर दिया गया है। शहर के मुख्य गौरीशंकर मंदिर और दुधिया मंदिर पर शिव भक्तों की भीड़ अधिक रहती है। इसको लेकर पहले सोमवार से ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया था। भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था का भी पूरा ध्यान रखा गया। कांवड़ के चिह्नित मार्गों पर पुलिस बल तैनात गया। बैरियर भी लगाए गए हैं। बिलसंडा से कांवर्थी मंडल का जत्था मोटरसाइकिल से हरिद्वार के लिए रवाना हुआ था। चार दिनों में करीब छह सौ किलोमीटर की यात्रा भक्तगण पूरी कर सोमवार को नगर क्षेत्र के प्रसिद्ध देवस्थल मढ़ानाथ मंदिर पहुंचकर पवित्र गंगा जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। बरखेड़ा में रविवार दोपहर एक बजे तीन मंदिरों से कांवड़ यात्रा गंगा नदी के कछला घाट पर गंगाजल भरने के लिए रवाना हुई। एक जत्था ब्लॉक तिराहे से, दूसरा जत्था जनता इंटर कालेज के शिव मंदिर से व तीसरा जत्था सिद्ध बाबा मड़ी पर स्थित शिव मंदिर से पूजा अर्चना के बाद रवाना हुआ। कांवड़ यात्रा में सैकड़ों भक्त बाइकों से शामिल हुए। हर हर महादेव , जय भोले ,बम भोले के नारों की गूंज रही।