अमेरिका में अवैध प्रवासी घोषित किए गए 104 भारतीय नागरिकों को भारत वापस भेज दिया गया। इनमें पीलीभीत के पूरनपुर का रहने वाला गुरप्रीत सिंह भी शामिल है। वह 22 लाख रुपये कर्ज लेकर डंकी रूट के जरिये अमेरिकी सीमा पर पहुंचा था, लेकिन वहां सेना ने पकड़ लिया। पुलिस से पूछताछ में गांव बंजरिया निवासी गुरप्रीत ने बृहस्पतिवार को अपनी पूरी दास्तां बताई। दिल्ली से लेकर आई पुलिस टीम ने पूछताछ के बाद परिजन को सौंप दिया। गुरप्रीत ने बताया कि डंकी रूट से अमेरिका भिजवाने वाले ने दिसंबर 2024 को उसे स्पेन का टूरिज्म वीजा दिलाया। स्पेन से मैक्सिको होते हुए उसे बीहड़, सुनसान जंगल के रास्तों से कई किलोमीटर पैदल चलाया गया। डंकी रूट से अमेरिका भेजने वालों ने उसका मोबाइल बंदूक के बल पर छीनकर तोड़ दिया। 13 जनवरी 2025 को अमेरिका सीमा में पहुंचा दिया गया। अमेरिका सीमा में घुसते ही उसे वहां की सेना ने पकड़ लिया। 22 दिन तक अमेरिका में डिटेंशन कैंप में रखा गया। इसके बाद भारत वापस भेज दिया गया।