पीलीभीत में एडीएम वित्त एवं राजस्व की ओर से दर्ज कराए मुकदमे में गिरफ्तारी के बाद विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के विभाग संगठन मंत्री प्रिंस गौड़ की शनिवार रात जिला जेल में तबीयत बिगड़ गई। जेल चिकित्सक की सलाह पर उसे जिला अस्पताल में आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद से प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। संगठन मंत्री की गिरफ्तारी के बाद विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी सक्रिय हो गए। ब्रज प्रांत के सह प्रांत प्रमुख धर्म प्रसार भी जिला अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
जिला अस्पताल पहुंचे विहिप के सह प्रांत प्रमुख ब्रज प्रांत धर्म प्रसार देवेंद्र सिंह सोम ने कहा कि प्रिंस गौड़ को फंसाना सोची-समझी साजिश है। इसमें पुलिसकर्मी और अन्य अधिकारी भी शामिल है। कहा कि यह जो प्रकरण चल रहा है। इसको लेकर हमारी शासन-प्रशासन से बात चल रही है। जिस अधिकारी ने यह किया है, कहीं न कहीं सरकार को बैकफुट पर लाने के प्रयास में कई अधिकारी लगे हैं। यह एक अधिकारी नहीं, इसमें प्रदेश के कई अधिकारी शामिल हैं।
अधिकारियों को लखनऊ बुलाकर लिया जाए पानी पिलवाने का काम
सह प्रांत प्रमुख ने कहा कि प्रदेश में कई अधिकारी ऐसे हैं, जो जो हिंदू संगठनों और प्रचारकों पर आरोप लगाकर सरकार को बदनाम करना चाहते हैं। हमने शासन को यह बताया है। यह सारे षड्यंत्र चल रहे हैं। जो अधिकारी ऐसे हैं उन्हें लखनऊ बुलाकर उनके महकमे में पानी पिलवाने का काम करें। लखनऊ में पानी पिलाने का काम करने पर ही इन अधिकारियों के दिमाग ठीक होंगे। विहिप के जिलाध्यक्ष की ओर से पूर्व में जारी पत्र के बारे में सह प्रांत प्रमुख ने कहा कि संगठन के पदाधिकारी की ओर से जारी पत्र संगठन का विषय है, अधिकारी का नहीं।