नीट पेपर लीक, शिक्षा ब्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और जौहर यूनिवर्सिटी के मामले को लेकर वामदलों ने प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वामदलों के नेताओं ने केंद्री शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग की है। केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए सोमवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भाकपा माले, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और एसयूसीआईसी ने एक साथ कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की जनविरोधी शिक्षा नीति और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते देश में नीट परीक्षा का पर्चा करीब 86 बार लीक हुआ है। देश भर में लगभग 20 - 22 छात्रों को आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने को विवश होना पड़ा है। सरकार की विफलता और छात्रों की मृत्यु के विरोध में जंतर मंतर नई दिल्ली पर आंदोलन चल रहा हैं। उनके समर्थन में समाजसेवी सोनम वांगचुक और आइसा की छात्र नेता नेहा बोरा भूख हड़ताल पर हैँ। जिले के वामपंथी नेताओं क्रमशः रामकिशोर रस्तोगी, रोहिताश राजपूत, थान सिंह तथा विजयपाल सिंह ने संयुक्त बयान में कहा कि दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जबरन सफदर जंग अस्पताल में भर्ती करा दिया है, लेकिन नेहा बोरा धरना स्थल पर ही बैठी हैं। अफसोस की बात है कि केंद्र सरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। वाम नेताओं ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी रामपुर के मामले में प्रदेश सरकार के इशारे पर जिला प्रशासन ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को गिराए जाने का फैसला ले लिया है। इस मामले में राजनीतिक प्रतिशोध के कारण तीन हजार बच्चों और उनके परिवार के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाना अमानवीय है। नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसीएम प्रथम को सौंपा। इस दौरान चंद्रपाल सिंह आजाद, विक्रम सिंह, कासिम अली, शरीफ अहमद, शाहबुद्दीन, महिपाल सिंह, श्यामलाल, सुनील कुमार सक्सेना, सुशील बिश्नोई , संजीव कुमार, रामचंद्र सिंह, नाज़ी हसन, असलम अहमद, शाकिर हुसैन, राम किशोर रस्तोगी आदि मौजूद थे।